रितेश अग्रवाल | Ritesh Agarwal Biography in Hindi | OYO Rooms

रितेश अग्रवाल | Ritesh Agarwal Biography in Hindi | OYO Rooms : Reliance Industries के संस्थापक धीरू भाई अम्बानी से एक पत्रकार ने पूछा भारत जैसे आबादी वाले देश में Business Man की इतनी कमी क्यों है। धीरू भाई का अम्बानी का जवाब था " भारत के 80% आबादी में एक सफल Business Man बनने की क्षमता है लेकिन Risk लेने की क्षमता सिर्फ 1% लोगों के पास है। Ritesh Agarwal उन्हीं 1% में से एक हैं। OYE Rooms के CEO & FOUNDERS रितेश अग्रवाल मात्र 26 साल के उम्र में दुनिया के सर्वोत्तम युवा CEO में से गिना जाता है। अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ कर अपने सपनों को साकार करने के लिए निकल पड़े। Ritesh Agarwal को अपने आईडिया को साकार करने के लिए काफी संघर्ष किये, आइये जानते हैं OYE Rooms की सफ़लता की कहानी -


Ritesh Agarwal Biography in Hindi | OYO Rooms
रितेश अग्रवाल 

Ritesh Agarwal Early Life | प्रारंभिक जीवन 

Ritesh Agarwal का जन्म 16 नवम्बर 1993 को बिस्सम कुट्टक, उड़ीसा में हुआ था। रितेश अग्रवाल के पिताजी हरियाणा के रहने वाले है  तथा इनकी माता जी राजस्थान की रहने वाली है वो अपने काम-काज के लिए वो ओडिशा में बस गए। Ritesh Agarwal की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा कट्टक में ही हुई थी। मात्र तेरह वर्ष की आयु में रितेश अग्रवाल ने अपने पॉकेट खर्च के लिए सीम बेचना शुरू कर दिया। रितेश अग्रवाल अपनी आगे की पढाई के लिए IIT Entrance Exam की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा आ गए। यहाँ पर वो अपने दोस्तों के साथ व्यापारिक सेमिनार में जाया करते थे। रितेश अग्रवाल को स्टार्टअप की कहानियों से बहुत लगाओ था। अपने स्टार्टअप स्टोरी और उनके सफर पर अध्ययन करते थे। रितेश अग्रवाल देश के कोने-कोने में सेमिनार में भाग लेने के लिए जाया करते थे। इस दौरान वो होटल के बदइंतियाजी से भली-भाती वाकिफ़ हो गए थे। Ritesh Agarwal अपनी कॉलेज की पढाई बीच में ही छोड़ कर चले अपने सपनो की तरफ रुख कर लिया । 


Ritesh Agarwal Career | व्यवसाय 

Ritesh Agarwal कैलिफोर्निया की कंपनी Airbnb से काफी प्रभावित थे, इन्होंने इसी के तर्ज पर भारत में एक कंपनी की शुरुआत की जिसका नाम था - Oravel Stays | इस कम्पनी का मुख्य उद्देश्य था लोगों को कम दाम पर होटल रूम उपलब्ध करवाना, जिसका बुकिंग ऑनलाइन भी हो सके। बिज़नेस शुरू करने से पहले रितेश अग्रवाल ने पूरी तरह से बिज़नेस स्टडी कर रखी थी जिसके कारण उन्हें अपने स्टार्टअप के लिए फंडिंग बहुत आसानी से Venture Nursery से 30 लाख रूपये की मिल गई थी। Oravel Stays की शुरुआत जितने धमाकेदार हुई उतनी ही जल्दी सफलता के ग्राफ नीचे गिरने लगे। इसका मुख्य कारण था की होटल रूम तो ग्राहक को आसानी से मिल जा रहे थे लेकिन सुख-सुविधाएं कंपनी के वादा के अनुरूप नहीं मिल पा रही थी। 

Ritesh Agarwal ने अपने स्टार्टअप कम्पनी के गिरते ग्राफ का अध्ययन किया। उसके बाद उन्होंने फिर से अपने सपनों को उड़ान भरने की तैयारी की और दुनिया की विशालतम हॉस्पिटैलिटी सर्विस चैन प्रोवाइडर की शुरुआत की और उसका नाम दिया - OYO ROOMS


OYE ROOMS - CASE STUDY & SUCCESS STORY

Ritesh Agarwal अपने पिछले स्टार्टअप के असफलता से काफी कुछ सीखा था। रितेश अग्रवाल ने अपने स्टार्टअप के लिए उन होटलों को टारगेट किया था जिसकी डिमांड वॉल्यूम तो सबसे ज्यादा थी लेकिन ध्यान कोई नहीं देता था यानि वो होटल जो सस्ते मिलते है और उनके कमरों की संख्या सौ से कम हो। बात सिर्फ इतनी ही नहीं थी ये होटल वाले ग्राहकों को अच्छी सर्विसेज भी नहीं देते थे। इनके यहाँ गंदगी तथा अराजकता अधिक होती थी। यही सबसे बड़ा कारण था Oravel Stays की असफलता की। इनकी सर्विसेज में सुधार तथा OYE ROOMS को सफलता के उचाई पर पहुंचाने के लिए कई बिंदुओं पर सिलसिले बार से काम किया -


 Asset Light Strategy


रितेश अग्रवाल ने होटल बनाने में पैसा लगाने से ज्यादा अच्छा जो असंगठित होटल है उनके साथ पार्टनरशिप कर के सस्ती और अच्छी सेवा मुहैया कराने पर जोर दिया। रितेश अग्रवाल ने होटल में सारी सुविधाये, डेकोरेशन, खाना पीना, Wi-Fi, अच्छी साफ-सफाई तथा सर्विसेज खुद प्रोवाइड कराने का जिम्मा लिया। Ritesh Agarwal ने पहले चरण में उन होटलों को टारगेट किया जो एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मॉल और कॉर्पोरेट हब के नजदीक थे, उन होटल मालिकों से कॉन्ट्रैक्ट कर के उन होटलों में अपनी सेवाएं दी। इस रणनीति में पाँच बिंदुओं पर काम किया गया -

  1. Uniform
  2. Quality
  3. Price
  4. Standardization
  5. Staff Training

End to End Responsibility for Customer Experience 


रितेश अग्रवाल ने अपने पार्टनर होटल मालिकों को ये आश्वासन दिया की ग्राहकों की सारी ज़िम्मेदारी हमारी कंपनी OYO Rooms की होगी। कस्टमर के चेक इन से लेकर चेक-आउट तक की सारी जिम्मेदारी OYO ने अपने कंधो पर ले ली। इसका असर ऐसा हुआ की हर ग्राहक अपने दोस्तों रिश्तेदारों को OYO इस्तेमाल करने की सलाह देने लगे, जिसके कारण OYO कुछ ही दिनों में सफलता की शिखर पर पहुंच गया। 

रितेश ने अपनी सर्विस में और सुधार लाने के लिए हर एक एरिया में अपना क्लस्टर मैनेजर की तैनाती कर दी। इनका काम था हर होटल द्वारा दी जाने वाले सर्विस को चेक करना और उसकी रिपोर्टिंग ऊपर तक पहुँचाना। जिसके कारण OYE Rooms की सर्विस स्टैण्डर्ड काफी ऊंचा हो गया। 


Technology For Speed & Scale 

Ritesh Agarwal को अच्छी तरह पता थी की अपने प्रतिदंद्वी को अगर हराना है तो उन्हें टेक्नोलॉजी पर जोड़ देना होगा अपने वेबसाइट एवं एप्प को यूजर फ्रेंडली और स्पीड युक्त करना पड़ेगा। इसके तहत उन्होंने अपने बजट की एक बहुत बड़ी राशि डाटा-साइंस और टेक्नोलॉजी पर खर्च किया। 

रितेश अग्रवाल ने अपने कड़े मेहनत से अपनी कंपनी OYO ROOMS को देश में ही नहीं विदेश में भी अपने कंपनी को फ़ैलाया। आज एशिया की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज प्रोवाइडर कंपनी  बन चुकी है। आज Ritesh Agarwal की गिनती फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़ुकेरबर्ग के साथ होती है। रितेश अग्रवाल भारत के युवाओं के लिए मिशाल है प्रेणादायक व्यक्तित्व है।